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बच्चों के खिलाफ हो रहे अपराधों को रोकने जागरूकता ज़रूरी – आयोग

कोन्डागांव 03 जुलाई।छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूकता का अलख जगाने के लिए ‘बाल चौपाल’ का यहां आयोजन किया गया जिसमें आयोग की अध्यक्ष प्रभा दुबे ने हिस्सा लिया।

श्रीमती दुबे ने जिले के सुदूर ग्राम किबई बालेंगा और ग्राम मालाकोट में ‘बाल चौपाल’ लगाई. जिसमें उन्होने और छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम ने यहाँ बच्चों को उनके क़ानूनी अधिकारों ,गुड टच –बैड टच के बारे में जानकारी दी और संकट के समय बचाव के उपायों पर भी चर्चा की।उन्होंने कहा कि समझदारी और जागरूकता से बच्चों का शोषण और उनके खिलाफ हो रहे अपराधों को रोका जा सकता है।

उन्होंने कहा कि अपराधी बच्चों की नासमझी का फायदा उठाकर और उन्हें छोटी –छोटी चीजों का लालच देकर अपने घिनौने कृत्यों को अंजाम देते हैं,इसलिए बच्चों के माता-पिता को बच्चों को इस तरह की घटनाओं और और बचाव की जानकारी देते रहना चाहिए.बच्चों को  घर में एक सकारात्मक माहौल बनाना चाहिए ताकि वे खुलकर अपनी बात कहें. साथ ही अभिभावकों को नियमित रूप से  अपने बच्चों से बातचीत कर उनके आस पास के घटना क्रम,स्कूल और अन्य  स्थानों की गतिविधि का बारे में जानकारी लेनी चाहिए।

श्रीमती दुबे ने अपने कोंडागांव प्रवास के दौरान रामकृष्ण आश्रम का भी निरीक्षण किया .इस दौरान आश्रम  के बच्चों ने ‘बेटी बचाओ बेटी पढाओ’ के सन्देश पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया.इस दौरान आयोग के सदस्य अरविन्द जैन सहित महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी कर्मचारी भी उपस्थित थे।