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प्रशासनिक क्षमता के साथ काम करने के लिए प्रबंधन भी जरूरी –निर्मला सीतारमन

रायपुर 10 अप्रैल।रक्षामंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमन ने कहा है कि प्रशासनिक क्षमता के साथ काम करने के लिए प्रबंधन भी जरूरी है।भारतीय प्रबंध संस्थानों (आईआईएम) से पढ़कर निकले युवा यह काम अच्छी तरह से कर सकते हैं।

श्रीमती सीतारमन ने आज यहां भारतीय प्रबंध संस्थान (आई.आई.एम.) के 7 वें दीक्षांत समारोह को सम्बोधित करते हुए युवाओं का आव्हान किया कि वे भारतीय प्रबंध संस्थान (आई.आई.एम.) जैसे उच्च शिक्षा संस्थानों में पढ़ाई करने के बाद अपनी प्रतिभा को लोक प्रशासन जैसी सेवाओं तथा ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में भी लगाएं, ताकि देश को उनकी प्रतिभा का समुचित लाभ मिल सके।

उन्होने कहा कि युवाओं को केवल नौकरी तक सीमित न रहकर प्रबंधन की विभिन्न तकनीकों के माध्यम से समाज के अन्य क्षेत्रों में भी अपनी सेवाएं देनी चाहिए।उन्होने कहा कि देश भर में संचालित भारतीय प्रबंध संस्थानों द्वारा जहां अपनी प्रतिभाओं के जरिए भारत के आर्थिक विकास में सराहनीय योगदान दिया जा रहा है,वहीं विश्व अर्थव्यवस्था के विकास में भी इन संस्थानों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था के विकास से गरीबी उन्मूलन में भी मदद मिलेगी।

विशेष अतिथि की आसंदी से मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि नये भारत के निर्माण में भारतीय प्रबंध संस्थान से पढ़कर निकले युवाओं की ताकत काम में आएगी। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य के विकास में इन युवाओं की भागीदारी और सहभागिता का जिक्र करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय असंतुलन से निकलकर हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। तकनीकी, शिक्षा, संचार, आवागमन, ऊर्जा और विविध सार्वजनिक क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ आगे बढ़ रहा है। राज्य में बेहतर प्रबंधन तकनीक के जरिए ही यह सब संभव हो सका है।

मुख्यमंत्री ने भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर की 2010 से 2017 तक की विकास यात्रा को लेकर कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में हर क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है। छत्तीसगढ़ पावर सरप्लस राज्य है। बेहतर प्रबंधन तकनीक के जरिए ही हम राज्य में 14 सौ किलोमीटर नये रेल सेवा का विस्तार करेंगे। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के क्षेत्र में पहले 40 प्रतिशत तक लीकेज होता था। हमने इसे चुनौती के रूप में लिया।