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प्रदेश में लिखी गई विकास, समृद्धि और खुशहाली की इबारत – रमन

रायपुर 09 फरवरी।मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि विगत 14 वर्षों में प्रदेश में विकास, समृद्धि और खुशहाली की इबारत लिखी गई और प्रदेशवासियों खासकर गांव, गरीब और किसानों के जीवन में बदलाव आया है।

मुख्यमंत्री आज शाम यहां विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर सदन में हुई चर्चा का जवाब दे रहे थे।डॉ.सिंह ने कहा कि लाखों गरीबों को एक रूपए किलो चावल देने की योजना को मैं अपनी जिन्दगी और अपनी सरकार का सबसे बड़ा फैसला मानता हूं। उसी तरह राज्य में अधिसूचित जातियों के नामों की मात्रात्मक गलतियों की वजह से उच्चारण विभेद था, जिसे हमने मान्य किया, इसके फलस्वरूप इन वर्गों के परिवारों के लगभग 45 लाख लोगों को जाति प्रमाण पत्र बनवाने में आसानी होगी। उन्होंने कहा-इनमें अनुसूचित जनजातियों के 22 और अनुसूचित जातियों के पांच संवर्ग शामिल हैं।

डा.सिंह ने अपने वक्तव्य में राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं और विशेष रूप से आदिवासी बहुल क्षेत्रों के विकास के लिए शिक्षा, अधोसंरचना विकास आदि पर हो रहे कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने सरकार की इन योजनाओं से गरीबों के जीवन में आ रहे बदलाव पर भी प्रकाश डाला। डॉ. सिंह ने कहा-हमारी सरकार ने जनता के लिए बिजली, शुद्ध पेयजल, रसोई गैस कनेक्शन, खाद्यान्न पोषण आहार, पूरक पोषण आहार, अच्छे स्कूल आदि को बुनियादी जरूरत माना है।

डा.सिंह ने प्रयास आवासीय विद्यालयों की शानदार कामयाबी का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा नक्सल प्रभावित और आदिवासी बहुल क्षेत्रों के बच्चों के लिए संचालित इन विद्यालयों में आज अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के 1744 बच्चों ने दाखिला लिया। इनमें से 23 विद्यार्थी आईआईटी, 171 विद्यार्थी एनआईटी, 528 विद्यार्थी इंजीनियरिंग और 27 विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज में पहुंचे।

उन्होने किसानों पर खेती की बढ़ती लागत को कम करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा-प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने हाल ही में संसद में पेश किए गए अपने बजट में किसानों को उनकी उत्पादन लागत का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य देने का निर्णय लिया है, जो स्वागत योग्य है और किसानों की जिन्दगी बदलने के यह निश्चय ही एक क्रांतिकारी सोच है। मुख्यमंत्री ने कहा-छत्तीसगढ़ सरकार ने भी विगत 14 वर्ष में सुनियोजित ढंग से कई ऐसे उपाय किए, जिनकी वजह से किसानों पर खेती की लागत का भार कम हुआ है।

डॉ. सिंह ने आदिवासी बहुल सरगुजा और बस्तर संभागों में विगत 14 वर्षों में हुए महत्वपूर्ण विकास कार्यो की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरगुजा को हमने संभाग बनाया, उसे विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज और इंजीनियरिंग कॉलेज दिया। सरगुजा और पूरे उत्तर क्षेत्र के लिए विकास प्राधिकरण हमने दिया। सरगुजा संभाग में नये जिले बनाए और अम्बिकापुर में रिंग रोड का निर्माण शुरू करवाया।

मुख्यमंत्री ने बस्तर संभाग के सुकमा, बीजापुर और दंतेवाड़ा जैसे जिलों में हुए विकास के अनेक महत्वपूर्ण कार्यों का उल्लेख भी किया। उन्होंने बताया कि जिस दंतेवाड़ा को कभी नक्सलवाद का गढ़ माना जाता था, आज वह शासन-प्रशासन की पहल से विकास के नये रास्ते तय कर रहा है, जो दंतेवाड़ा कभी प्राथमिक स्कूल के तरसता था, आज वहां छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा कॉल सेंटर बन चुका है।