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पंचायत प्रतिनिधि गांवों को खुले में शौच मुक्त बनाने में करे योगदान – रमन

रायपुर 07 सितम्बर।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ने पंचायत प्रतिनिधियों का आह्वान किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान के तहत अपनी ग्राम पंचायतों के गांवों को ‘खुले में शौच मुक्त’ बनाकर इस अभियान में अपनी गौरवपूर्ण उपलब्धि दर्ज कराएं।

डा.सिंह ने आज शाम यहां अपने निवास परिसर में बलौदाबाजार-भाटापारा, राजनांदगांव और कबीरधाम जिले से आये 560 पंचायत प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छ गांव से स्वस्थ्य गांव बनेगा और लोगों के अच्छे स्वास्थ्य से गांवों में समृद्धि आएगी।ये पंचायत प्रतिनिधि ‘हमर छत्तीसगढ़ योजना’ के अंतर्गत राजधानी रायपुर के दो दिवसीय प्रवास पर आये हैं।

उन्होने कहा कि बस्तर से सरगुजा तक लोगों की बोली, रहन सहन में विविधता है,फिर भी छत्तीसगढ़ एकता के मजबूत सूत्र में बंधा है।छत्तीसगढ़ की इस एकता को और अधिक मजबूत बनाना और प्रदेश की राजधानी रायपुर के साथ छत्तीसगढ़वासियों के अपनेपन को प्रगाढ़ करना भी हमर छत्तीसगढ़ योजना का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य और केन्द्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन ग्राम पंचायतों के माध्यम से होता है।पंचायत प्रतिनिधि योजनाओं के बारे में स्वयं जानकारी रखें और इन योजनाओं के अपनी ग्राम पंचायत में क्रियान्वयन की स्थिति की निगरानी भी करें, तभी ग्राम पंचायतें जागरूक और आदर्श ग्राम पंचायतों के रूप में विकसित होंगी। उन्होंने इस संदर्भ में स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति, पढ़ाई-लिखाई, मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई।

उन्होने कहा कि प्रदेश में सूखे की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने किसानों को राहत पहुंचाने के लिए कार्य योजना बनाई है। किसानों को तीन योजनाओं का लाभ मिलेगा। राजस्व पुस्तक परिपत्र के प्रावधानों के तहत फसल नुकसान का मुआवजा, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की राशि और समर्थन मूल्य पर वर्ष 2016 में खरीदे गए धान पर प्रति क्विंटल 300 रूपए के मान से बोनस मिलेगा।उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 का बोनस दीपावली के पहले किसानों के खाते में भेज दिया जाएगा।