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धान के बीमा में आ रही समस्याओं का शीघ्र होगा निराकरण

रायपुर/नई दिल्ली 27 दिसम्बर।छत्तीसगढ में धान के बीमा भुगतान में आ रही समस्याओं का शीघ्र निराकरण कर लिया जाएगा।

केन्द्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह और छत्तीसगढ के कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के बीच आज नई दिल्ली के कृषि भवन में हुई उच्च स्तरीय बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री ने इस संबंध में अधिकारियों को  निर्देशित किया कि वे बीमा कम्पनी के साथ बैठक कर तत्काल इस समस्या का निराकरण करें।

श्री अग्रवाल ने केंद्रीय कृषि मंत्री को राज्य के विभिन्न लंबित विभिन्न विषयों पर उनका ध्यान आकृष्ट कराया।राज्य के तीन जिलों बालोद,सुकमा,कोण्डागॉव जिलों में नवीन कृषि विज्ञान केन्द्रो की स्वीकृति के संबंध में केंद्रीय कृषि मंत्री ने आश्वस्त किया कि जैसे ही इन जिलों में भूमि आबंटन के पत्र प्राप्त होतें है तत्काल ही नवीन कृषि विज्ञान केन्द्रों की स्वीकृति केंद्र से दे दीं जाएगी।मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए नील क्रांति योजना में छत्तीसगढ़ को केन्द्र से मिलने वाली आवश्यक राशि के शीघ्र भुगतान का भी आग्रह श्री अग्रवाल ने केंद्रीय कृषि मंत्री से किया।

उन्होने राज्य में  कृषि मशीनरी प्रशिक्षण एवं परीक्षण संस्थान की स्थापना किए जाने के अलावा राष्ट्रीय कृषि बीमा के तहत खरीफ 2015 में छुटे हुए पात्र कृषको को भुगतान की गई बीमें की राशि में केद्रांश की राशि राज्य को शीघ्र जारी किए जाने का भी आग्रह बैठक में केद्रीय मंत्री से  किया।श्री अग्रवाल ने बताया कि एकीकृत बागवानी मिशन छत्तीसगढ के 27 जिलों मे से 19 जिलो मे लागू हैं।उन्होनें केंद्र से मांग की कि, राज्य के शेष आठ जिलों जिनमें जांजगीर-चांपा, महासमुंद, धमतरी, कांकेर, नारायणपुर, बीजापुर, सुकमा एवं दंतेवाडा जिले मे भी इस योजना को लागू किया जाए।

श्री बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय कृषि मंत्री को बताया की राष्ट्रीय खाद्य मिशन योजना में राज्य में होने वाले गन्ने की फसल को वाणिज्य फसल के रूप में शामिल नहीं किया गया हैं। उन्होने आग्रह किया कि केंद्र प्रवर्तित खाद्य मिशन योजना में जिस प्रकार चावल, दलहन एवं लघु धान्य की फसलो को वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है उसी प्रकार गन्ने की फसल को भी वित्तीय सहायता प्रदान की जाए।

इस  दौरान श्री अग्रवाल ने छत्तीसगढ मे 24 जनवरी से 28 जनवरी तक चलने वाले अंतराष्ट्रीय कृषि मेले का आमंत्रण केंद्रीय कृषि मंत्री व राज्य मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत को दिया जिसे उन्होने सहर्ष स्वीकार किया।