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तीसरा राष्ट्रीय कृषि मेला कल से रायपुर में

रायपुर 23 जनवरी।छत्तीसगढ़ का तीसरा राष्ट्रीय कृषि मेला राजधानी रायपुर के नजदीक जोरा में कल 24 जनवरी से शुरू हो रहा है।

प्रति बूंद-अधिक फसल की थीम पर आधारित ‘कृषि समृद्धि राष्ट्रीय कृषि मेला छत्तीसगढ़ 2018’ में हर दिन किसानों का समागम होगा। यह मेला 28 जनवरी तक चलेगा। राष्ट्रीय कृषि मेले में किसानों को खेती-किसानी, बागवानी, पशुपालन और मछलीपालन के उन्नत तौर-तरीकों को जानने-समझने और सीखने का सुनहरा अवसर मिलेगा। किसानों के लिए मेले के दौरान हर दिन पाठशालाएं लगेंगी। पाठशालाओं के लिए पांच भव्य पंडाल विशेष रूप से तैयार किए गए हैं।

कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने आज यहां बताया कि छत्तीसगढ़ में खेती-किसानी को और ज्यादा फायदे का व्यवसाय बनाने के उद्देश्य से लगातार तीसरे साल राष्ट्रीय कृषि मेले का आयोजन किया जा रहा है। किसानों की आय दोगुनी करने वाले कार्यों की जानकारी, प्रति बूंद अधिक फसल योजना की जानकारी, केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित कृषि योजनाओं का प्रचार-प्रसार, छत्तीसगढ़ में कृषि संभावनाओं की प्रदर्शनी, नये प्रमुख कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी आदि के उद्देश्य से किसान मेले का आयोजन किया जा रहा है।

उन्होने बताया कि मेले में मुख्य रूप से कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, पशुधन विकास विभाग, मछलीपालन विभाग, छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ कामधेनू विश्वविद्यालय, देवभोग दुग्ध महासंघ सहित खेती-किसानी से जुड़े अन्य विभागों और संस्थाओं के स्टॉल लगेंगे। कृषि विभाग के स्टॉल में किसानों की आय दोगुनी करने के विभिन्न तकनीकों एवं उपायों की प्रदर्शनी लगेगी।

श्री अग्रवाल ने कहा कि इसके अलावा स्वायल हेल्थ कार्ड-मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला का जीवंत प्रदर्शन किया जाएगा। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और एकीकृत खेती के बारे में किसानों को कृषि विभाग के स्टॉल में जानकारी मिलेगी। यहां पर राज्य के जैविक उत्पादों के लॉचिंग भी होगी। प्रदेश के 250 राज्य स्तरीय एवं जिला स्तरीय उन्नत कृषि पुरस्कार से किसानों को सम्मानित किए जाएंगे। इस स्टॉल में किसान प्रश्नमंच का भी आयोजन किया जा रहा है। मेले में आने वाले किसान प्रश्नमंच के माध्यम से खेती-किसानी संबंधी अपने विभिन्न समस्याओं का समाधान पा सकेंगे। उन्नत कृषि यंत्रों की विशेष प्रदर्शनी भी लगेगी। किसानों को फसल अपशिष्ट प्रबंधन के गुर भी सिखाए जाएंगे।