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छत्तीसगढ़ में शांति-सदभाव का वातावरण कबीर के विचारों की देन-रमन

राजनांदगांव 28 जून।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि राज्य में शांति, प्रगति और सामाजिक सदभावना का जो वातावरण है, वह संत कबीर के विचारों की देन है।

डॉ.सिंह ने आज कबीर जयंती के अवसर पर जिले के कोटराभांठा में आयोजित समारोह को मुख्य अतिथि की आसंदी से सम्बोधित कर रहे थे।उन्होंने आयोजकों की ओर से मंच पर कबीर पंथ के अनेक संतों और विद्वानों को सम्मानित किया।

डॉ.सिंह ने कहा कि लगभग 600 वर्ष पहले संत कबीर ने तत्कालीन समाज में व्याप्त कुरीतियों, पाखण्डों और विसंगतियों के खिलाफ आम जनता की सहज, सरल भाषा में आवाज उठाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के जनजीवन पर संत कबीर के जीवन दर्शन का गहरा प्रभाव रहा है और आज भी है।उनके विचारों को अपना कर ही छत्तीसगढ़ आज पूरे देश में शांति और सदभावना का प्रतीक बना हुआ है। उन्होने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि मेरा जन्म छत्तीसगढ़ के उस जिले में हुआ, जिसका संत कबीर के नाम पर कबीरधाम है।

डॉ.सिंह ने कहा कि राजनांदगांव जिले के नादियामठ कबीर पंथ के लाखों लोगों की आस्था का प्रमुख केन्द्र है, जो संत कबीर के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। डॉ. सिंह ने कबीर जयंती समारोह के आयोजन के लिए मंगल साहब और प्रकाश दास साहब सहित आयोजन से जुड़े सभी लोगों की प्रशंसा की।