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छत्तीसगढ़ में छह माह में 30 हजार किसानों को सिंचाई पम्प कनेक्शन देने का लक्ष्य

रायपुर 18अगस्त। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कम्पनी को अगले छह महीने के भीतर प्राधिकरण क्षेत्र के जिलों में 30 हजार किसानों के सिंचाई पम्पों को बिजली का कनेक्शन देने का लक्ष्य दिया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण और छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण की बैठकों में विभिन्न विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की बैठक में अधिकारियों ने बताया कि जिलों में अब तक आठ हजार 532 किसानों के सिंचाई पम्पों को कनेक्शन देने के लिए लगभग 50 करोड़ रूपए मंजूर किए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने इन आवेदनों का तत्परता से निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि प्राधिकरण के गठन से अब तक तीन हजार 778 किसानों के सिंचाई पम्पों को कनेक्शन देने के लिए 25 करोड़ 64 लाख रूपए मंजूर किए गए हैं। राज्य सरकार विद्युत वितरण कम्पनी को प्रत्येक कनेक्शन के लिए लगभग एक लाख रूपए का अनुदान देती है। लाईन विस्तार में इससे अधिक राशि की जरूरत होने पर खर्च प्राधिकरण द्वारा दिया जाता है।

बैठक में जनप्रतिनिधियों से विचार-विमर्श के दौरान अधिकारियों ने बताया कि मिनी माता स्वावलम्बन योजना के तहत प्राधिकरण मद से अनुसूचित जाति के लगभग छह सौ युवाओं को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता दी गयी है। योजना के तहत प्रत्येक चयनित हितग्राही को दुकान निर्माण के लिए एक लाख 40 हजार रूपए और सामग्री के लिए 60 हजार रूपए का ऋण दिया जाता है। मुख्यमंत्री ने संबंधित जिला कलेक्टरों को इन युवाओं के व्यापार-व्यवसाय की वर्तमान स्थिति की मैदानी समीक्षा करवाने और अगली बैठक में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

प्राधिकरणों की समीक्षा के दौरान बैठक में बताया गया कि वर्ष 2004 में अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण का गठन होने के बाद से अब तक इस प्राधिकरण के कार्यक्षेत्र के जिलों में प्राधिकरण मद से 413 करोड़ रूपए के 10 हजार 770 कार्य मंजूर किए गए थे। इनमें से 10 हजार 259 कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं।

बैठक में यह भी बताया गया कि अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के लगभग 100 आश्रम विद्यालयों और छात्रावासों के स्वयं के भवन नही हैं। इन्हें तथा ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा क्षेत्र विकास प्राधिकरण के जिलों को मिलाकर कुल 762 आश्रम-छात्रावासों के भवन निर्माण का निर्णय आज की बैठक में लिया गया। मुख्यमंत्री ने आदिम जाति और अनुसूचित जाति विकास विभाग को इन भवनों के निर्माण के लिए ऋण प्रस्ताव एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। डॉ.सिंह ने बालिकाओं के लिए संचालित आश्रम शालाओं और छात्रावासों के परिसरों में बाउण्ड्रीवाल का निर्माण होने तक तार फेंसिंग करने और परिसर के चारों ओर वृक्षारोपण करने के भी निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि नर्सिंग पाठयक्रम में चयनित छात्राओं को निःशुल्क अध्ययन की सुविधा देने की भी योजना प्राधिकरण द्वारा चलायी जा रही है। इसमें अब तक 1020 युवाओं की नर्सिंग की पढ़ाई के लिए 28 करोड़ रूपए मंजूर किए जा चुके हैं। ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण की बैठक अधिकारियों ने बताया कि प्राधिकरण मद से अब तक 229 करोड़ रूपए के 6155 कार्य मंजूर किए गए थे, इनमें से 5254 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। लगभग चार हजार 893 किसानों के सिंचाई पम्प विद्युतीकरण के लिए 24 करोड़ रूपए मंजूर किए गए थे, इसमें से अब तक 4744 सिंचाई पम्पों को बिजली का कनेक्शन दिया जा चुका है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्राधिकरण क्षेत्रों के गांवों और शहरों में बिजली की व्यवस्था पर विशेष रूप से ध्यान देने के निर्देश दिए। बैठक में यह भी बताया गया कि ग्रामीण और अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण की राशि से 128 चलित बायो शौचालयों के लिए दो-दो लाख रूपए के मान से कुल दो करोड़ 56 लाख रूपए मंजूर किए गए हैं।

आज की बैठकों में गृह, जेल और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री रामसेवक पैकरा, नगरीय प्रशासन और विकास मंत्री श्री अमर अग्रवाल, खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री पुन्नूलाल मोहले, आदिम जाति और अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री केदार कश्यप, महिला और विकास मंत्री श्रीमती रमशीला साहू, सहकारिता, पर्यटन और संस्कृति मंत्री श्री दयालदास बघेल, श्रम और खेल मंत्री श्री भईयालाल राजवाड़े, प्रदेश के मुख्य सचिव विवेक ढांड, पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव एम.के.राउत,जनसम्पर्क विभाग के संयुक्त सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो, पुलिस महानिदेशक श्री ए.एन.उपाध्याय सहित संबंधित जिलों के कलेक्टर और अन्य संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।