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छत्तीसगढ़ जनजाति सलाहकार परिषद के सचिवालय का शीघ्र होगा गठन

रायपुर 01जुलाई।छत्तीसगढ़ में जनजाति सलाहकार परिषद के सचिवालय शीघ्र स्थापित होगा। अनुसूचित जनजाति अनुसंधान संस्थान में यह सचिवालय संचालित होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां छत्तीसगढ़ राज्य जनजाति सलाहकार परिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया।इसके साथ ही आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान को सोसायटी के रूप में पुनर्गठित कर संचालित करने का निर्णय लिया गया।डा.सिंह ने इस मौके पर कहा कि छत्तीसगढ़ जनजाति सलाहकार परिषद का गठन किया गया है। परिषद के कार्य को सुचारू ढंग से संचालित करने के लिए यह पृथक सचिवालय जनजाति समाज की अपनी आवश्यकताओं को पूरा करेगी। वहीं जनजाति समुदाय के क्रियाकलापों का दस्तावेजीकरण भी होगा।

उन्होने कहा कि मंत्रिपरिषद के सदस्य, सांसद, विधायक और नामांकित जनप्रतिनिधि इस सचिवालय में बैठकर जनजाति समाज की संस्कृति, बोली, भाषा, परम्परा, वाद्ययंत्रों का संरक्षण और उनकी आवश्यकताओं और छोटी-मोटी दिक्कतों को हल करने में अहम भूमिका निभाएंगे। इस सचिवालय में एक नोडल अधिकारी भी जनजाति वर्ग से ही नियुक्त होगा। इस सलाहकार परिषद सचिवालय के स्वरूप को शीघ्र क्रियाशील करने के लिए मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव और विभागीय सचिव को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में बस्तर विश्वविद्यालय में ग्रामीण तकनीकी, मानव विज्ञान और जनजातीय अध्ययन शाला के साथ वानिकी और वन्य जीव अध्ययन शाला की भी मंजूरी दी गई। इस संदर्भ में डॉ.सिंह ने कहा कि जनजाति विषयों पर अध्ययन हेतु पृथक विभाग होने से अलग-अलग जाति समूहों के सभी पहलुओं का अध्ययन होगा।बैठक में   नया रायपुर पुरखौती मुक्तांगन के समीप 27 करोड़ की लागत से 22 एकड़ में शहीद वीरनारायण सिंह आदिवासी संग्रहालय भी निर्मित करने का निर्णय लिया गया।