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छत्तीसगढ़ के 83179 करोड के बजट में कोई नया कर नही

रायपुर 10 फरवरी।छत्तीसगढ़ के अगले वित्त वर्ष के आज पेश 83179 करोड रूपए के बजट में कोई नए कर का प्रावधान नही है। 83 करोड के घाटे के इस बजट में कृषि क्षेत्र,शिक्षा तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्गों पर सर्वाधिक ध्यान दिया गया है।

मुख्यमंत्री डा.रमन सिंह द्वारा आज विधानसभा में पेश बजट में कोटवारों,पंचायत सेवकों,मितातनों, आगनबांडी कार्यकर्ताओं एवं सहायको.जिला पंचायत अध्यक्षों से लेकर जनपद पंचायत सदस्यों तक के मानदेय में इजाफा करने का प्रावधान है।इसमें वरिष्ठ नागरिकों के साथ ही पत्रकारों को भी चिकित्सा सुविधा के मिल रहे लाभ में 30 हजार रूपए और इजाफा करने का प्रावधान है।

बजट में सिंचाई योजनाओं के लिए 2 हजार 518 करोड़ का प्रावधान है। इस राशि में से वृहद सिंचाई परियोजनाओं के लिए 946 करोड़ का प्रावधान है। इसके अंतर्गत अरपा भैंसाझार परियोजना हेतु 285 करोड़ महानदी परियोजना हेतु 255 करोड़ एवं सोंढूर जलाशय के लिए 90 करोड़ का प्रावधान है। बजट में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु 2 सामुदायिक, 10 प्राथमिक एवं 25 उप स्वास्थ्य केन्द्रों के भवनों के निर्माण हेतु प्रावधान है।

बजट में शासकीय अस्पतालों में ईलाज की सुविधा को बढ़ाने के लिये राज्य के जिला अस्पतालों तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में पैथोलाजी एवं रेडियोलाजी संबंधी समस्त जांच सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध करायी जायेंगी। इस हेतु 30 करोड़ का प्रावधान रखा गया है।

मितानिनों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा देय प्रोत्साहन राशि पर 50 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि राज्य शासन द्वारा दी जाती है। अब इसमें 25 प्रतिशत की और वृद्धि करते हुए राज्य शासन की ओर से कुल 75 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया है जिससे 70 हजार मितानिनों की वर्तमान मासिक आय में 400 से 1 हजार रु. तक की वृद्धि होगी।

बजट में मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रायपुर, राजनांदगांव, बिलासपुर, जगदलपुर, अंबिकापुर एवं डीकेएस सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल को अत्याधुनिक चिकित्सकीय उपकरणों से सुसज्जित करने के लिये 68 करोड़ 62 लाख तथा निर्माण कार्य हेतु 50 करोड़ का प्रावधान है।

बजट में 15 लाख बी.पी.एल. उपभोक्ताओं को निःशुल्क बिजली योजना अंतर्गत् बजट में 363 करोड़ प्रावधान किया गया है।प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना ’’सौभाग्य’’ अंतर्गत विद्युत कनेक्शन से वंचित सभी परिवारों को विद्युत कनेक्शन। विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा ग्रिड से 4 लाख 50 हजार एवं क्रेडा के माध्यम से 44 हजार 151 घरों में सौर ऊर्जा से विद्युतीकरण किया जायेगा। कुल 833 करोड़ लागत की योजना के राज्यांश हेतु 85 करोड़ प्रावधान है।

बजट में कर्मचारी राज्य बीमा सेवाओं के अंतर्गत बीमित व्यक्तियों को कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने की नवीन योजना हेतु 10 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। इससे श्रमिकों को उपचार हेतु तत्काल राशि की व्यवस्था करने की चिंता से मुक्ति मिलेगी तथा वे आसानी से अपना उपचार करा सकेंगे।

बजट में प्रदेश के राष्ट्रीय तथा राज्य स्तरीय पुरस्कार प्राप्त बुनकरों को मासिक आर्थिक सहायता प्रदान करने हेतु नयी योजना लागू की जायेगी। ‘‘मिट्टी से रेशम तक‘‘ कोसा परियोजना प्रारंभ करने हेतु बजट प्रावधान किया गया है।

आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से पूरक पोषण आहार कार्यक्रम में दी जाने वाली सहायता में वृद्धि की गई है। यह सहायता अब बच्चों के लिए 6 रूपये के स्थान पर 8 रूपये, गर्भवती महिलाओं को 7 रूपये के स्थान पर 9 रूपये 50 पैसे तथा किशोरी बालिकाओं के लिए 5 रूपये के स्थान पर 9 रूपये 50 पैसे की दर से उपलब्ध कराया जायेगी। योजना के लिये 735 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

इसके साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं द्वारा महिलाओं एवं बच्चों के कल्याण की योजनाओं में योगदान को देखते हुए राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मानदेय राशि 4 हजार से बढ़ाकर 5 हजार, आंगनबाड़ी सहायिकाओं की मानदेय राशि 2 हजार से बढ़ाकर 2 हजार 500 एवं मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की मानदेय राशि 2 हजार 250 से बढ़ाकर 2 हजार 750 करने का निर्णय लिया है।

एक लाख से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को इसका लाभ प्राप्त होगा।इसके साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा सहायिकाओं की सेवा पूरी होने पर शासन द्वारा कार्यकर्ताओं को 50 हजार तथा सहायिकाओं को 25 हजार एकमुश्त राशि दी जायेगी।

ग्रामीण बालिकाओं को स्वच्छ सेनेटरी नेपकिन उपलब्ध कराने हेतु प्रारम्भ शुचिता योजनाके सकारात्मक परिणामों को देखते हुए अब योजना के कवरेज को बढ़ाते हुए पर्याप्त बालिकाओं की दर्ज संख्या वाले सभी महाविद्यालयों, हाईस्कूलों एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में क्रियान्वित किया जायेगा। योजना के विस्तार से 10 लाख बालिकाओं को लाभ प्राप्त होगा।

बजट के संसाधनों में अनुसूचित जनजाति तथा अनुसूचित जाति घटकों हेतु कुल 20 हजार 645 करोड़ का प्रावधान किया गया है।इसके अलावा छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा भारत सरकार द्वारा वर्ष 2017-18 के लिये घोषित लघु वनोपज के समर्थन मूल्य पर बोनस देने का निर्णय लिया है।इससे 14 लाख परिवारों से जुड़े संग्रहणकर्ता लाभान्वित होंगे।

‘‘मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना’’ का विस्तार कर प्रयास विद्यालय अंबिकापुर, बस्तर तथा दुर्ग में कक्षा 9वीं तथा कांकेर में कक्षा 11वीं प्रारंभ की जाएगी। कोरबा एवं जशपुर में नवीन प्रयास आवासीय विद्यालय स्थापित किया जाएगा। इस हेतु 9 करोड़ का प्रावधान है। प्रयास विद्यालयों के आई.आई.टी. एवं एन.आई.टी. में प्रवेशित विद्यार्थियों को लेपटॉप प्रदाय किया जाएगा।

बजट में अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति की वार्षिक दर में दोगेने से भई धिक की वृद्दि की गई है। उन्हे छात्रवृत्ति 1 हजार 100 से बढ़ाकर 2 हजार 500 करने हेतु 12 करोड़ का प्रावधान है। इससे 2 लाख 50 हजार से अधिक विद्यार्थियों को लाभ होगा।

कक्षा 11 वीं एवं 12 वीं के आवासीय छात्रों के बौद्धिक विकास हेतु इन्हें ‘‘हमर छत्तीसगढ़’’ योजना में शामिल करते हुए शैक्षणिक भ्रमण का लाभ प्रदाय किया जाएगा। छात्रों के नैसर्गिक खेल प्रतिभा को विकसित करने हेतु रायपुर एवं बिलासपुर में पिछड़ा वर्ग बालक तथा भानपुरी जिला-बस्तर में अनुसूचित जनजाति कन्या 100 सीटर क्रीडा परिसर स्थापित किये जायेंगे।

बजट में जगदलपुर में अमर शहीद गुण्डाधूर की स्मृति में एक स्मारक एवं संग्रहालय का निर्माण करने हेतु 3 करोड़ का प्रावधान रखा गया है।विवेकानंद गुरूकुल उन्नयन योजना में 266 करोड़, राज्य छात्रवृत्तियों हेतु 170 करोड़, अनुच्छेद 275 (1) अंतर्गत् 162 करोड़ तथा विशेष केन्द्रीय सहायता पोषित योजनाओं से स्थानीय विकास हेतु 270 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

बजट में सरगुजा-जशपुर विकास प्राधिकरण, बस्तर विकास प्राधिकरण एवं अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण तीनों हेतु 35 करोड़ 50 लाख का प्रावधान एवं कुल 106 करोड़ 50 लाख प्रावधान है। ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण हेतु 64 करोड़ का प्रावधान है।

बजट में 7 नवीन आईटीआई भवन निर्माण सीतापुर, अंबागढ़ चैकी, नरहरपुर, बकावण्ड, नारायणपुर, भैरमगढ़ एवं कोण्टा हेतु 4 करोड़ 92 लाख का प्रावधान किया गया है। 17 आईटीआई में अतिरिक्त पाठ्यक्रम प्रारम्भ किये जाने तथा 30 आईटीआई में मशीन उपकरण के लिये 12 करोड़ का प्रावधान है। 18 पॉलिटेकनिक संस्थाओं में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार हेतु 14 करोड़ 30 लाख का प्रावधान है।

राज्य के 17 हजार छात्र-छात्राओं को लैपटॉप वितरण करने हेतु 60 करोड़ का प्रावधान छत्तीसगढ़ युवा सूचना क्रांति योजना के अंतर्गत् किया गया है। अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, नया रायपुर को 25 करोड़ का अनुदान दिया जायेगा। सिपेट के एकेडमिक भवन निर्माण हेतु 2 करोड़ 50 लाख का प्रावधान है।

नवीन योजना मुख्यमंत्री कौशल स्वरोजगार योजना प्रारम्भ की जायेगी जिसमें स्किल्ड युवाओं में से चयनित युवाओं को स्वरोजगार हेतु अपना व्यवसाय प्रारम्भ स्थापित करने के लिये ऋण सहायता के रूप में अनुदान दिया जायेगा।उच्च शिक्षा के अधिकतम विस्तार हेतु इस बजट में 30 और नवीन महाविद्यालय खोलने का प्रावधान शामिल किया गया है।

उच्च शिक्षा के अवसरों में विस्तार के लिए 15 स्नातक महाविद्यालयों को स्नातकोत्तर महाविद्यालयों में उन्नयित किया जाएगा। 35 महाविद्यालयों में स्नातक स्तर के तथा 35 महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर स्तर के नवीन पाठ्यक्रम प्रारंभ किये जायेंगे। 45 शासकीय महाविद्यालयों में सेटेलाईट आधारित क्लास रूम की स्थापना की जावेगी।

बजट में राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान रूसा अंतर्गत 112 करोड़, महाविद्यालयों को पोषण अनुदान 43 करोड़, रविशंकर विश्वविद्यालय रायपुर हेतु 31 करोड़, इंदिराकला विश्वविद्यालय खैरागढ़ हेतु 18 करोड़, सरगुजा विश्वविद्यालय हेतु 7 करोड़, बस्तर विश्वविद्यालय हेतु 9 करोड़ 25 लाख, दुर्ग विश्वविद्यालय हेतु 10 करोड़ का प्रावधान है।

खेलों में बच्चों एवं युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए 60 मिनी स्टेडियम निर्माण हेतु 30 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है। सरगुजा में खेल अकादमी तथा रायपुर में एथलेटिक्स अकादमी स्थापना करने के लिए आवश्यक प्रावधान किया गया है।

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में छत्तीसगढ़ में मार्च 2019 तक 6 लाख 88 हजार परिवारों को आवास उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। 4 लाख 38 हजार परिवारों के लिए आवास स्वीकृत कर 2 लाख 37 हजार आवास निर्मित किये जा चुके हैं। योजना हेतु बजट में 2 हजार 354 करोड़ का प्रावधान है। इसके बेहतर क्रियान्वयन के लिये ग्रामीण हाऊसिंग कार्पोरेशन का गठन किया जायेगा। 3 हजार 427 करोड़ की अतिरिक्त राशि की व्यवस्था की जायेगी।

बजट में महात्मा गांधी नरेगा योजना 1 हजार 419 करोड का बजट प्रावधान है।ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यरत रोजगार सहायकों के मानदेय में वृद्धि की जायेगी। 5 वर्ष व इससे अधिक अवधि वाले रोजगार सहायकों को 4 हजार 650 के स्थान पर 6 हजार प्रतिमाह तथा 5 वर्ष से कम अवधि वाले रोजगार सहायकों को 5 हजार प्रतिमाह बढ़ा हुआ मानदेय दिया जायेगा।इससे 8 हजार 656 रोजगार सहायक लाभान्वित होंगे।

बजट में जिला पंचायत अध्यक्ष हेतु मानदेय 10 हजार से बढ़ाकर 15 हजार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष हेतु 6 हजार से बढ़ाकर 10 हजार एवं जिला पंचायत सदस्यों हेतु 4 हजार से बढ़ाकर 6 हजार किया जायेगा। इसी प्रकार जनपद अध्यक्षों का मानदेय 4 हजार 500 से बढ़ाकर 6 हजार, जनपद उपाध्यक्षों का 2 हजार 500 से बढ़ाकर 4 हजार एवं जनपद सदस्यों का 1 हजार 200 से बढ़ाकर 1 हजार 500 किए जाने का प्रावधान है।

बजट में राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम अ्रंतर्गत 2 हजार 750 बसाहटों में हैण्डपंप, नलजल, अथवा स्पॉट सोर्स द्वारा स्वच्छ पेयजल एवं घरेलू उपयोग हेतु पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 184 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

बजट में लोक निर्माण विभाग के लिये 7 हजार 187 करोड़ का प्रावधान किया गया है। सड़क एवं पुलों के निर्माण के लिए 4 हजार 20 करोड़ का प्रावधान है। रेल्वे ओवरब्रिज के लिए 120 करोड़, वृहद् पुलों के लिए 260 करोड़, राज्य मार्गों के निर्माण के लिए 181 करोड़ 54 लाख तथा ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों के लिए 565 करोड़ का प्रावधान है। केन्द्रीय सड़क निधि अंतर्गत् 200 करोड़ का प्रावधान है।

बजट में नगरीय निकायों में अधोसंरचना विकास के लिए 575 करोड़ का प्रावधान है जिससे सड़क सफाई, प्रकाश व्यवस्था जैसे मूलभूत कार्यो पर राशि व्यय की जाएगी। पेयजल आपूर्ति व्यवस्था हेतु बीरगांव एवं धमतरी नगर निगम, मुंगेली नगर पालिका एवं 30 नगर पंचायतों में पाईप लाईन विस्तार कार्य के लिए कुल 45 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

स्मार्ट सिटी योजना में भारत सरकार द्वारा रायपुर, बिलासपुर एवं नया रायपुर स्मार्ट सिटी हेतु चयनित किये गये हैं। इन शहरों हेतु योजना में 418 करोड़ का प्रावधान किया गया है।नया रायपुर विकास प्राधिकरण के माध्यम से नया रायपुर क्षेत्र में अधोसंरचना, जन सुविधा विकास एवं अन्य निर्माण कार्योे के लिए 431 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

औद्योगिक अधोसंरचना के विकास हेतु बजट में 9 नये औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना हेतु 30 करोड़ का प्रावधान है जो खम्हरिया व परसिया (जिला मुंगेली), सियारपाली-महुवापाली (जिला रायगढ़), अभनपुर व बरतोरी-तिल्दा (जिला रायपुर), चिचपोल (जिला बलौदाबाजार भाटापारा), जी-जामगांव व भेन्ड्रा/ईरी (जिला धमतरी) तथा परसगढ़ी (जिला कोरिया) में स्थापित किये जायेंगे।

राजनांदगांव, उरला, अंजनी पेण्ड्रा, बोरई तथा हथखोज (भिलाई) के औद्योगिक क्षेत्रों में अधोसंरचनात्मक उन्नयन कार्य हेतु 7 करोड़ 44 लाख का प्रावधान है। संचालनालय उद्योग के अंतर्गत् संचालित सभी 26 औद्योगिक केन्द्रों के उन्नयन कार्यों के लिये 10 करोड़ का प्रावधान है।

कोटवारों को प्रदाय मानदेय को डेढ़ गुना करने एवं पटेलों को दी जाने वाली मानदेय राशि को 1 हजार से बढ़ाकर 2 हजार करने का निर्णय लिया गया है। इस हेतु 19 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान बजट में किया गया है।बजट में 15 वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले पंचायत सचिवों को उच्चतर वेतनमान 5200-20200 ग्रेड पे 2400 दिया जायेगा। 15 वर्ष से कम सेवा अवधि वाले पंचायत सचिवों को वर्तमान वेतनमान के साथ प्रतिमाह 1 हजार 500 की दर से विशेष भत्ता दिया जायेगा। इससे 10 हजार 971 पंचायत सचिव लाभान्वित होंगे।

मानव-हाथी द्वंद को कम करने तथा जानमाल एवं संपत्ति की हानि को नियंत्रित करने हेतु 28 चलित हाथी दस्तों के गठन हेतु 5.20 करोड़ का प्रावधान किया गया है। वनों की कार्य योजना तैयार करने हेतु विशेषज्ञ सेवायें उपलब्ध कराने के लिए 1.56 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है।

प्रदेश में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 2018-19 के बजट में 4 हजार 309 करोड़ 70 लाख का प्रावधान रखा गया है।राज्य में अत्यंत नक्सल प्रभावित 8 जिलों को अधोसंरचनात्मक विकास के लिए 230 करोड़ का प्रावधान है।महिला अपराध के प्रकरण में त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु 6 जिलों में महिला अपराध अनुसंधान इकाई की स्थापना की जाएगी।

प्रदेश के सभी थानों को आॅनलाईन जोड़ने के साथ-साथ पुलिस के क्रियाकलाप में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से शेष 232 थानों में सी.सी.टी.वी. कैमरे की स्थापना की जा रही है।आतंरिक सुरक्षा संबंधी गतिविधियों को प्रभावशाली बनाने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के साथ समन्वय किए जाने हेतु राज्य में विशेष आपरेशन ग्रुप का गठन किया जाएगा।राज्य में अग्निशमन एवं आपदा प्रबंधन हेतु 17 जिलों में सी एवं डी श्रेणी के फायर स्टेशन की स्थापना की जाएगी।