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कैलाश-मानसरोवर तीर्थयात्रियों को निकालने का कार्य तेज़

नई दिल्ली/काठमांडू 05जुलाई।नेपाल में खराब मौसम की वजह से दुर्गम इलाकों में फंसे कैलाश-मानसरोवर तीर्थयात्रियों को निकालने का कार्य तेज़ हो गया है। अब तक 800 से अधिक भारतीय तीर्थयात्रियों को सिमिकोट से सुरक्षित निकाल लिया गया है।

आज सुबह वहां से 290 लोगों को विमानों से निकाला गया। 250 लोगों को दूर-दराज के हिल्सा से सिमिकोट लाया गया है और अब हिल्सा में कुछ ही तीर्थयात्री फंसे हैं।काठमांडू में भारतीय दूतावास के सूत्रों ने बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है।फंसे हुए तीर्थयात्रियों को निकालने के लिए दूतावास विभिन्न हवाई यात्रा मार्गों पर चार्टर्ड विमानों के उपयोग की संभावनाओं का पता लगा रहा है।

भारतीय दूतावास ने सभी भावी तीर्थयात्रियों को यात्रा शुरू करने से पहले अपनी चिकित्सा जांच करवाने और एक महीने तक की दवाईयां साथ लाने की सलाह दी गई है।दूतावास ने यह भी कहा कि सिमिकोट और हिल्सो केवल छोटे विमानों और हेलीकॉप्टरों के माध्यम से ही दुनिया से जुड़े है।ये विमान और हेलीकॉप्टर केवल उपयुक्त मौसम में ही उड़ान भर सकते है।इसलिए खराब मौसम होने की स्थिति में श्रद्धालुओं को यात्रा मार्ग में फंसने की काफी संभावनाएं है।

दूतावास ने सभी भावी तीर्थ यात्रियों, राज्य सरकारों और टूर ऑपरेटरों को विदेश मंत्रालय द्वारा नेपाल के रास्ते से कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए जारी किए गए परामर्श का पालन करने को भी कहा है। इस बीच भारतीय दूतावास ने सिमिकोट में फंसे हुए यात्रियों की मदद के लिए शिविर कार्यालय खोला है। 700 से अधिक तीर्थयात्री अब भी सिमिकोट, हिल्सा और तिब्बत के इलाकों में फंसे हुए हैं।