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किसानों की मेहनत से छत्तीसगढ़ बना देश का अग्रणी राज्य – रमन

रायपुर 28 जनवरी।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि प्रदेश के उन्नतशील किसानों की मेहनत से आज छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है।राज्य में कृषि के क्षेत्र में अद्भुत उन्नति हुई है।

डा.सिंह ने आज यहां इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के सामने जोरा में आयोजित राष्ट्रीय कृषि समृद्धि मेले के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ को चावल उत्पादन के लिए तीन बार और दलहन उत्पादन के लिए एक बार राष्ट्रीय कृषि कर्मण पुरस्कार से सम्मानित किया गया। प्रदेश में धान के उत्पादन में बढ़ोत्तरी के साथ-साथ दलहन-तिलहन का रकबा बढ़ा है। मक्के के उत्पादन में किसानों की रुचि बढ़ी है। बागवानी फसलों और सब्जियों के उत्पादन में वृद्धि हुई है। किसान फूलों की खेती भी कर रहे हैं। बीज उत्पादन में छत्तीसगढ़ आत्मनिर्भर बन गया है।

उन्होने कहा कि रायपुर में पिछले तीन साल पहले कृषि मेले की शुरूआत हुई है। राज्य स्तरीय मेले के रूप में आयोजित किसानों का यह महाकुंभ किसानों की भागीदारी और कृषि विभाग की सक्रियता से अब यह राष्ट्रीय स्वरूप ले चुका है। मेले में किसान खेती किसानी की उन्नत तकनीक, कृषि में नये प्रयोगों और नवाचारों को देखते,समझते और सीखते हैं और अपने खेतों में भी अपनाते है। कृषि मेले का लाभ लाखों किसान लेते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जो किसानों को सहकारी बैकों से खेती-किसानी के लिए बिना ब्याज के ऋण दे रहा है। राज्य सरकार पांच हार्स पावर तक के सिंचाई पम्पों पर 7500 यूनिट बिजली निःशुल्क दे रही है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की व्यवस्था की गई है। इस वर्ष किसानों को प्रति क्विंटल 300 रूपए के मान से 2100 करोड़ रूपए का धान का बोनस दिया गया है। इस वर्ष सूखे से प्रभावित किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के प्रावधानों के तहत मुआवजे दिया जा रहा है।  मुख्यमंत्री ने खेती-किसानी के साथ पशुपालन, डेयरी, मछली पालन और मुर्गीपालन जैसी योजनाओं से जुड़ने और योजनाओं का लाभ लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के किसानों का चावल छह राज्यों को भेजा जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हमारे किसान सम्पन्न होंगे तभी छत्तीसगढ़ विकसित राज्य बनेगा।

केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री पुरषोत्तम रूपाला ने समारोह की अध्यक्षता करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ कृषि के क्षेत्र में भी देश का अग्रणी राज्य है।उन्होंने राष्ट्रीय कृषि मेले में किसानों की पाठशाला के नवाचार की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस पाठशाला में विषय विशेषज्ञ किसानों को खेती-किसानी के साथ-साथ पशुपालन, ड्रिप और माइक्रो सिंचाई, पेस्ट मैनेजमेंट, उन्नत बीजों के उत्पादन और स्वाईल हेल्थ कार्ड के बारे में जानकारी देते है। यह प्रशंसनीय आयोजन है।

उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने राष्ट्रीय कृषि मेले को किसानों का महाकुंभ बताया और कहा कि छत्तीसगढ़ में खाद्यांन्न उत्पादन, दूध उत्पादन, उन्नत बीज उत्पादन, साग-सब्जी और फलों के उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। छत्तीसगढ़ में एकीकृत खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। एकीकृत खेती के माध्यम से ही किसानों की आय दोगुनी की जा सकती हैं।

छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि किसान कृषि मेले में जो नवाचार सीखकर जायेंगे वो उन्हें जीवन भर काम आयेंगे। मेले के माध्यम से हमारी यह कोशिश है कि किसान नवाचार को अपनाएं और आधुनिक तरीके से खेती करना सीखे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेती किसानी में पिछले चौदह वर्षों में काफी विकास हुआ है।