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आदिवासी समाज संस्कृति और परम्पराओं को सहजने में सबसे आगे – बृजमोहन

रायपुर 16 दिसम्बर।कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि आदिवासी समाज भारत की संस्कृति और परम्पराओं को सहजने में सबसे आगे है।

श्री अग्रवाल कर देर रात यहां आदर्श पोस्ट मेट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास पेंशनबाड़ा में आयोजित शहीद वीरनारायण सिंह जंयती समारोह को सम्बोधित कर रहे थे।उन्होने कहा कि इस समाज के लोगों को अपनी संस्कृति से आत्मीय लगाव होता है।आमतौर पर यह देखा जाता है कि पढ़-लिखकर उच्च पदों पर पहुंचने के बाद लोग अपने संस्कारों को भूल जाते हैं, परन्तु आदिवासी समाज के युवा अपने संस्कारों को नहीं भूलते हैं।आदिवासी समाज का यह आचरण उन्हें समृद्ध और खुशहाल बनाता है।

उन्होने कहा कि समाज के शिक्षित युवाओं को समाज को आगे ले जाने के लिए जिम्मेदारी लेनी होगी। राज्य सरकार ने युवाओं को पढ़ाने-लिखाने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने अनेक योजनाएं शुरू की है। इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए युवाओं को आगे आना चाहिए। युवाओं की मेहनत से ही उनका परिवार और समाज आगे बढ़ेगा।

श्री अग्रवाल ने कहा कि अंग्रेजों ने सालों-साल हिन्दुस्तान पर राज किया। परन्तु छत्तीसगढ़ के बस्तर में आकर अंग्रेजों ने आदिवासी समाज के सामने घुटने टेक दिए। इतिहास बताता है कि आदिवासी समाज ने कभी किसी के साथ अन्याय नहीं किया है और न ही अन्याय करने वालों को सहा है। देश को आजाद कराने के क्रांति के दौर में अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष कर गरीबों और मजदूरों की भूख मिटाने के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीद वीरनारायण सिंह का आदर्श जीवन सभी युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। श्री अग्रवाल ने इस अवसर पर खेलकूद प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत भी किया।